अकादमिक समुदाय

अध्येता ही संस्थान के अकादमिक समुदाय के निर्माणक होते हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अध्येताओं की तीन श्रेणियां हैं- राष्ट्रीय अध्येता,  अध्येता तथा टैगोर अध्येता।

  1. राष्ट्रीय अध्येता ख्याति प्राप्त विद्वान हैं जिन्हें संस्थान शासी निकाय आमंत्रित करती है। संस्थान में अधिकतम अवधि दो वर्ष की होती है।
  2. अध्येताओं का चयन उनके द्वारा प्रस्तुत शोध-योजना के आधार पर किया जाता है। यह अध्येतावृति शासी निकाय द्वारा अध्येतावृति निर्णय समिति की सिफारिशों पर प्रदान की जाती है। इस समिति में विभिन्न विषयों से संबद्ध विशेषज्ञ शामिल होते हैं। यह एक दो स्तरीय चयन प्रक्रिया है- सभी आवेदन अनुवीक्षण समिति के समक्ष रखे जाते हैं विद्वानों की संक्षिप्त सूची तैयार कर अध्येतावृति निर्णय समिति का प्रस्तुत किया जाता है, जहां विद्वानों को अपनी शोध-परियोजना की विस्तृत व्याख्या देनी होती है। लब्धप्रतिष्ठित विद्वानों अध्येतावृति निर्णय समिति के समक्ष व्यक्तिगत उपस्थिति में छूट दी जा सकती है।