प्रशासन

संस्थान का प्रशासन एक सोसायटी तथा शासी निकाय द्वारा चलाया जाता है। सोसायटी तथा प्रबन्ध समिति का नेतृत्व किया। वर्तमान में सोसायटी तथा शासी निकाय के प्रमुख श्री गोपालकृष्ण गांधी हैं जो एक राजनयिक, विद्वान तथा प्रशासक हैं। संस्थान की सोसायटी तथा शासी निकाय के सदस्य जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित किए जाते हैं। संस्थान की एक वैधानिक वित्तीय समिति है जिसमें शिक्षा व वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि सदस्य होते हैं, जो प्रबन्ध समिति को विŸाीय मामलों में परामर्श देते हैं। संस्थान का नेतृत्व निदेशक करते हैं जिन्हें प्रशासकीय, वित्तीय तथा अकादमिक मामलों में सचिव अपना सहयोग देते हैं। इसके अतिरिक्त संस्थान में एक उपसचिव (प्रशासन), एक पुस्कालयाध्यक्ष, एक लेखा अधिकारी, एक प्रकाशन अधिकारी, एक जनसंपर्क अधिकारी तथा अन्य पर्यवेक्षी व सहायक स्टाफ होता है। संस्थान मुख्यतः भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा वित्त प्रबंधित है। अपने प्रकाशनों तथा पर्यटकों से वसूल की जाने वाला प्रवेश शुल्क से भी यह कुछ आमदन का सृजन करता है। वेतन, अनिश्चित खर्च, भवनों तथा पुस्तकालय के रखरखाव आदि पर सालाना लगभग आठ करोड़ रूपए खर्च आता है। संस्थान के योजना के अंतर्गत अध्येतावृति, संगोष्ठियों, व्याख्यानों तथा प्रकाशनों आदि अकादमिक कार्यक्रमों पर होने वाला व्यय प्रतिवर्ष भिन्न होता है।