प्रवासी श्रम इतिहास

ISBN: 
9789382396383
 
Physical Description: 
pp. xi+311
 
Publication Year: 
2016
 
Price: 
Rs. 300

About this Book

यह पुस्तक यह तो दावा नहीं करती है कि भोजपुरी प्रदेश से होने वाले श्रम प्रवसन का पूरा इतिहास यही हो सकता है। पर हां, मौखिकता के जरिये ही उन्हें सही मायनों में समझा जा सकता है। यह दावा यहां जरूर है। मौखिक स्रोतों के सहारे यह पुस्तक प्रवसन से प्रभावित भोजपुरिया समाज व संस्कृति के विविध तहों तक जाती है। मौखिक स्रोतों के भीतर सांस लेते प्रवासी श्रम इतिहास लेखन बहुत कम है और जो है सो एकांगी है। अधिकांशतः उपनिवेशवादी एवं राष्ट्रवादी है। अर्थात् इस नजरिये में इस प्रदेश से प्रवास करने वाले श्रमिकों एवं पीछे छुटे स्वजनों के लिए या तो सिर्फ सुख ही सुख, सफलता ही सफलता या फिर दुख, पीड़ा, अकेलापन, शोषण जैसे पद ही प्रयुक्त हुए हैं। यह पुस्तक उनके सफलता एवं त्रासदी की जटिल कहानी सुनाती है।